Thursday, 30 May, 2024

कोटा में 22 वर्षीय युवक को हार्ट अटैक

धूम्रपान की लत के कारण बढ़ रहे है कम उम्र के ह्रदय रोगी

न्यूजवेव @ कोटा

इन दिनों हमारी लाइफस्टाइल बदल जाने से कम उम्र के युवा भी दिल के रोगी बनते जा रहे हैं। बुधवार को शहर में एक 22 वर्षीय नौजवान को अचानक दिल का दौरा पड़ने से निजी हार्ट हॉस्पिटल CHC में भर्ती होना पड़ा। सिटी हार्ट सेंटर, सुभाष नगर में ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ.अतुल राठौ ने बताया कि युवाओं में धूम्रपान और फ़ास्ट फ़ूड की बढ़ती आदतें उनके रक्तचाप को अनियंत्रित कर देती है, जिससे ह्रदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।

Dr Atul Rathor

कई कोचिंग विद्यार्थी लगातार पढ़ाई करने के बाद टेस्ट में कम नम्बर मिलने से मानसिक तनाव में आ जाते हैं। इस तनाव से उनकी धमनियां सिकुड़ने लगती है। वे घबराहट, चिड़चिड़ापन या चक्कर आने की शिकायत लेकर चिकित्सकों के पास पहुँचते हैं। जांच करने पर सामने आता है कि लगातार तनाव में रहने से उनका ब्लड प्रेशर 140/90 से बढ़कर अधिक हो जाता है। डॉ राठौर ने बताया कि युवाओं में सुपारी युक्त जर्दा पाउच खाने की लत होती है, जिससे उनमे नसें सिकुड़ने एवं ब्लॉक होने के मामले सामने आ रहे हैं। सुपारी का अत्यधिक सेवन करना नुकसानदेह है।

फैमिली हिस्ट्री हो तो जांच कराएं

ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ अतुल राठौर ने बताया कि अधिकांश मामलों में दिल का दौरा पड़ने के बाद पता चलता है कि उनके परिवार में पहले भी ह्रदय रोगी रहे हैं अथवा परिवार में हार्ट अटैक से किसी की मौत हो चुकी है। ऐसे मामले हाई रिस्क वाले होते हैं।
बचाव के लिए 30-35 वर्ष की उम्र से ही एक अंतराल में ब्लड, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर आदि की जांच अवश्य करवा लेनी चाहिए। अन्यथा नसें सिकुड़ने का पता नही चल पाता है। साइलेंट बीपी बढ़ना या साइलेंट हार्ट अटैक जैसे मामले अनुवांशिक कारणों से भी सामने आते हैं। इसलिए इसकी अनदेखी नही करें।

दर्द निवारक दवाओं से भी खतरा

Dr Sidharth Sethi

ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ सिद्धार्थ सेठी ने बताया कि शरीर मे मामूली दर्द होने पर भी लोग दर्द निवारक गोली खा लेते हैं। पेन किलर दवाओं का सेवन चिकित्सक की सलाह से ही करें।अन्यथा लंबे समय तक दर्द निवारक दवा लेने से लीवर व किडनी पर दुष्प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि भारत में लाइफस्टाइल बदल जाने से यहां हर उम्र में 10 वर्ष पहले हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं। फास्टफूड से बच्चों में मोटापा, गैस, कब्ज के साथ ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हार्ट प्रॉब्लम भी होने लगती है। बच्चों को नियमित एक्सरसाइज करने, फल, हरी सब्जियां, अंकुरित खाद्य पदार्थ आदि के सेवन पर ध्यान देना होगा।

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