Tuesday, 16 July, 2024

थैलिसीमिया मरीजों को समय पर नहीं मिल रहा रक्त

न्यूजवेव @कोटा 

कोरोना महामारी की दूसरी लहर में रक्त की एक-एक बूंद उन रोगियों के लिए जीवनदान है जो थैलिसीमिया बीमारी से ग्रसित है। कोटा शहर के दो ब्लडबैंकों कोटा ब्लड बैंक एवं एमबीएस ब्लड बैंक के माध्यम से 750 से अधिक थैलेसीमिया मरीजों को प्रत्येक 15 दिन में नियमित रूप से रक्त चढाने की जरुरत पड़ती है।
पिछले दो माह से कोटा शहर में कोरोना काल के दौरान रक्त की बहुत कमी हो गयी है, जिससे थैलिसीमिया बीमारी से पीड़ित मरीजों को नियमित रक्त मिलने में परेशानी उठानी पड़ रही है। कोरोना काल में स्च्छक रक्तदान की लहर पर ब्रेक लग गई है। कोरोना जांच के बाद रक्तवीरो की संख्या में कमी आ गई है, जिससे नियमित रक्तदान कैंप नहीं लग पा रहे हैं। स्वस्थ्य लोग भी रक्तदान के लिए आगे नहीं आ रहे। जिसकी वजह से थैलिसीमिया बच्चों को तकलीफ उठानी पड रही है।


पार्षद सलीना शेरी ने रक्तदाताओं से विनम्र अपील की है कि कोटा एमबीएस ब्लड बैंक नयापुरा एवं कोटा ब्लड बैंक, बसंत विहार में स्वेच्छा से रक्तदान अवश्य करें जिससे थैलिसीमिया मरीजों की जरूरतों को पूरा किया जा सके। यहां से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को निशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है।

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