Friday, 18 September, 2026

राज्यसभा चुनाव : मदनलाल सैनी, भूपेंद्र यादव, किरोड़ीलाल ने भरे नामांकन

न्यूजवेव ,जयपुर। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव, 24 घंटे पहले राजपा का भाजपा में विलय करने वाले डा. किरोड़ीलाल मीणा और पूर्व विधायक एवं संघ पृष्ठभूमि से जुड़े मदन लाल सैनी ने सोमवार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किए। अन्य किसी के मैदान में नहीं उतरने से इसके साथ ही इनका राज्यसभा में जाना तय हो गया है। नामांकन पत्रों की जांच के साथ इनका निर्विरोध चुना जाना तय है। इसके साथ ही राज्य सभा में सभी दस सदस्य भाजपा के हो जाएंगे। कांग्रेस का एक भी सदस्य नहीं होगा।

 

विधानसभा की हां पक्ष लॉबी में तीनों उम्मीदवारों ने अपने नामांकन निर्वाचन अधिकारी अखिल अरोड़ा को अपने नामांकन सौंपे। सबसे पहले भूपेंद्र यादव ने अपना नामांकन सौंपा। सभी ने तीन-तीन नामांकन दाखिल किए।

– नामांकन पत्रों की मंगलवार को जांच होगी। नामांकन सही पाए जाने पर इन सभी को निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा।

भाजपा ने साधे जातीय समीकरण

– राज्यसभा सीट के लिए नामों का चयन करते समय भाजपा ने जातीय समीकरण साधने की पूरी कोशिश की है। यादव, मीणा एवं माली समाज से एक-एक प्रतिनिधि को भेजा गया है। इससे पहले भाजपा से राज्यसभा में हर्षवर्धन सिंह, रामकुमार वर्मा, नारायण लाल पंचारिया, रामनारायण डूडी, के.जे अल्फोंस, विजय गोयल और ओम प्रकाश माथुर सांसद हैं। कांग्रेस ने राज्य सभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को पश्चिम बंगाल से प्रत्याशी बनाया है।

भूपेंद्र यादव

– हाईकमान के पसंदीदा एवं पार्टी के रणनीतिकार यादव को टिकट जाति से ज्यादा चुनाव में उनकी रणनीतिक भूमिका एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की पसंद से मिला है। राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी मुख्य भूमिका रह सकती है। वर्ष 2013 में भी यादव ही मुख्य रणनीतिकार थे।

डा. किरोड़ीलाल मीणा

– आदिवासी नेता डा. किरोड़ीलाल मीणा को शामिल कर राज्य सभा की सीट दी है। किरोड़ी अपने भाई जगनमोहन को राज्य सभा भेजना चाहते थे। लेकिन, सीएम ने किरोड़ी के नाम पर मुहर लगवाई। केंद्र में मंत्री भी बनाया जा सकता है। तय है आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को इससे बड़ा फायदा होगा।

मदन लाल सैनी

– झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक मदनलाल सैनी भाजपा के राज्यसभा जाने वाले तीसरे प्रत्याशी होंगे। भाजपा प्रदेश अनुशासन समिति के अध्यक्ष भी रहे हैं। वे आरएसएस से जुड़े रहे हैं। प्रदेश में माली समाज का भाजपा से अच्छा-खासा जुड़ाव रहा है। इसलिए, समाज को खुश करने की कोशिश।

(Visited 251 times, 1 visits today)

Check Also

महाराणा प्रताप ने धर्म, संस्कृति, स्वाभिमान व राष्ट्रहित के लिए जीवनभर संघर्ष किया – डॉ.भागवत

हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने पर उदयपुर में राष्ट्र चेतना का विराट संगम …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!