Thursday, 25 April, 2024
धर्मसभा में कोटा उत्तर विधायक प्रहलाद गुंजल को राष्ट्र गौरव के सम्मान से सम्मानित करते आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज

संतों की अगवानी करने उमड़ा जैन समाज

  • गुरूओं के मिलन को देखे भावविभोर हुए श्रद्धालु , शोभायात्रा में ड्रोन से हुई पुष्पवर्षा
  • कोटा उत्तर विधायक गुंजल राष्ट्र गौरव सम्मानित से सम्मानित
  • जैन संत श्री विरागसागर जी ने हजारों लोगों को दिलाया पांच सामाजिक बुराईयों को त्यागने का संकल्प
  • भटिण्डा व आरएसी के बैण्ड ने समां बांधा, जैन समाज सहित कोटा उत्तर की भाजपा व पार्षदों ने किया ऐतिहासिक सत्कार

कोटा, 8 मार्च। बुधवार की सुबह जब ५५ मुनिराजों के संघ का कोटा की धरती पर मंगल प्रवेश हुआ तो इतने बड़े संघ की अगवानी के लिए हजारों की संख्या में जैन समाज उमड़ पड़ा। कुन्हाड़ी स्थित रिद्धी-सिद्धी नगर में बुधवार सुबह दिगम्बर जैन संतों का ऐतिहासिक मिलन हुआ, आचार्य विरागसागर सागर जी महाराज संघ के एक्जोटिका गार्डन पहुंचने पर यहां आचार्यश्री शशांक सागर जी महाराज ससंघ गुरू मिलन हुआ, इस ऐतिहासिक क्षण को निहार कर मौजूद जैन धर्मावलंबी भावविभोर हो गए। आचार्य विरागसागर जी महाराज गुरू नानक पब्लिक स्कूल से विहार कर रिद्धि-सिद्धि नगर पहुंचे। समाज के लोगों ने महाराज का भव्य स्वागत किया। कोटा में में मंगल प्रवेश से पूर्व कोटा उत्तर विधायक प्रहलाद गुंजल ने आचार्य विरागसागर जी महाराज का श्रीफल भेंट कर पाद प्रक्षालन किया, इसके पश्चात सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के अध्यक्ष अजय बाकलीवाल, महामंत्री विनोद टोरड़ी, कार्याध्यक्ष जेके जैन, प्रकाश बज, कोषाध्यक्ष पारसमल जैन ने भी पादप्रक्षालन के साथ आरती। उसके पश्चात पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने पुत्रवधु एकता धारीवाल, विकास जैन, पूर्व यूआईटी चैयरमेन रविन्द्र त्यागी, कांगे्रस नेता शिवकांत नन्दवाना सहित पाद प्रक्षालन किया। यहां से जैन मुनियों के साथ विधायक गुंजल भी बड़ी संख्या में कोटा उत्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं, पार्षदों एवं समर्थकों के साथ रिद्धि-सिद्धि नगर कुन्हाड़ी पहुंचे। जहां श्रीचन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचने पर मुनिश्री का समाजबंधुओं द्वारा पादप्रक्षालन किया गया, यहां पादप्रक्षालन के लिए होड़ सी मच गई। यहां से आचार्यश्री मंदिरजी के दर्शन कर सुवालका गार्डन पहुंचे जहां धर्मसभा को संबोधित किया। धर्मसभा के प्रारंभ में कोटा उत्तर विधायक प्रहलाद गुंजल एवं पूर्व मंत्री शांति धारीवाल, सकल दिगम्बर जैन समाज के परम संरक्षक राजमल पाटौदी, अध्यक्ष अजय बाकलीवाल, महामंत्री विनोद टोरड़ी, जेके जैन, प्रकाश बज, श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर समिति के अध्यक्ष टीकमचंद पाटनी ने दीप प्रज्जवलन किया। श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर समिति कुन्हाड़ी द्वारा कोटा उत्तर विधायक एवं पूर्व मंत्री शांति धारीवाल का माल्यार्पण कर एवं साफा पहनाकर स्वागत किया।

शोभायात्रा में भटिण्डा से आए बैण्ड, आरएसी बैण्ड, गुरू सेवा संघ एवं आदिशा महिला मण्डल का दिव्य घोष, राजस्थानी कला कृति का मशक बैण्ड, शहनाईयां व अन्य प्रकार के बैंडों एवं जुलूस में शामिल हाथी-घोड़े, पांच ऊंटगाडिय़ां, ट्रकों में शामिल झांकियों शोभायात्रा को भव्यता प्रदान कर रही थीं। तिराहे से धर्मसभा तक १०८ स्वागत द्वार एवं ड्रोन द्वारा पुष्पवर्षा की गई।

एकदूसरे के प्रति आदर व सम्मान का भाव रखें – आचार्य विरागसागर जी महाराज

अपनी विचारधाराओं को एकता में समावेश कर दें तो एक बहुत बड़ा गुलदस्ता बन सकता है। अगर साधु एकसाथ एक मंच पर आकर के बैठ जाते हैं तो समाज को उपदेश देने व एकता की बात करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है, हर व्यक्ति एकसाथ आकर बैठ जाता है। केवल हम सबके अंदर उदारता होनी चाहिए। चर्या में आचारित्र, सम्यक आचरण होना चाहिए, फिर संगठन और एकता दूर नहीं है।  आज के समय में व्यवहारिता और नैतिकता और समाप्त होती जा रही है, पुराने समय में एकदूसरे को आदर और सम्मान देते थे, और आदर सम्मान ही घर-घर में खुशियां लाता था, आराध्य की ओर हम सबको ले जाने की ओर प्रेरित करता था। जैन समाज में जय जिनेन्द्र बोलने की एक ऐसी प्राचीन संस्कृति और परंपरा रही है। यद्यपि हर समाज और हर सम्प्रदाय की अपनी-अपनी परंपरा रही है और प्रेम व्यवहार का एक सबसे बड़ा प्रतीक है, चाहे कोई राम-राम कहकर के अपना स्नेह जताता है तो कोई सलामवालेकुम बोलकर अपना स्नेह जताता है, जैन समाज जय जिनेन्द्र बोलकर अपना एकता और प्रेम व्यवहार का परिचय देता है। जय जिनेन्द्र की पट्टी जैन समाज के लोगों को अपनी दुकान, हर कार, हर मोटर, हर गाड़ी में लगी रहनी चाहिए, कि कम से कम व्यक्ति बोल पाए या न बोल पाए तो दृष्टि पडऩे पर एक बार से कम से पढ़ तो ले, यदि ऐसा हो गया तो उसने श्रद्धा से भगवान की भक्ति का परिचय दिया, यह हमारी एकता की एक ऐसी भावना है। मुझे आशा है कि यह पट्टी हर जगह हर गाड़ी हर दुकान पर पहुंच जाएगी।

धर्मसभा में सकल दिगम्बर जैन समाज के परम संरक्षक राजमल पाटौदी, ताराचंद बड़ला, श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर समिति के अध्यक्ष टीकमचंद पाटनी, तलवंडी जैन मंदिर के अध्यक्ष सुरेश चांदवाड़, आरकेपुरम् जैन मंदिर के अध्यक्ष ललित हरसोरा, बालिता जैन मंदिर के अध्यक्ष महावीर दलवासा, नरेश वैध, अरविन्द जैन, संजय लुहाडिय़ा मौजूद रहे।

विधायक गुंजल को राष्ट्र गौरव सम्मान से नवाजा

धर्मसभा के दौरान 108 श्री विरागसागर जी महाराज ने कोटा उत्तर विधायक प्रहलाद गुंजल को प्रतीक चिन्ह भेंट कर राष्ट्र गौरव सम्मान से सम्मानित किया। गुंजल को मुनिश्री विरागसागर जी महाराज यह सम्मान भेंट कर रहे थे तब समूचा पांडाल तालियों की आवाज से गूंज उठा। उन्होंने विधायक गुंजल की तारीफ करते हुए कहा कि गुंजल राजनेता होते हुए भी धार्मिक क्षेत्र की जो विस्तृत समझ रखते हैं वे तारीफ के काबिल है, इसके लिए वो इस सम्मान के पात्र हैं। उन्होंने विधायक गुंजल से कोटा शहर के किसी एक चौराहे पर अहिंसा विश्व मैत्री कीर्ति स्तम्भ स्थापित करने की बात कही, जिस पर गुंजल ने इसके लिए यूआईटी से विमर्श करने का आश्वासन दिया।

धन्य हो गई कोटा उत्तर की धरा – गुंजल

गुंजल ने कहा कि विरागसार जी महाराज संघ इतने विशाल संतों की यात्रा से आज मेरी कोटा उत्तर की विधानसभा धन्य हो गई है, और संतों के तेज, तप से जनजीवन का कल्याण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र संत विरागसागर जी महाराज जिन पांच महान व पवित्र उद्देश्यों के साथ जिस राष्ट्र जागरण को लेकर देश के जनमत को आंदोलित करने निकले हैं, वो निश्चय ही देश में जनजागृति लेकर आएंगी। इस संसार का कल्याण संतों के द्वारा ही होता है। मैं कोई मौका ही नहीं चूकता, कोई संत कोटा आए और मैं ना आऊं ऐसा कभी नहीं होता। कोई अभागा ही होगा जो संतों के दर्शन से चूक जाता हो। कार्यक्रम को पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने भी संबोधित किया।

५५ पिच्छियों का आगमन अपने आप में इतिहास – धारीवाल

पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि महाराज श्री के साथ ५५ पिच्छियों का कोटा आगमन अपने आपमें एक इतिहास है, मात्र १६ वर्ष की आयु में क्षुल्लक और २० वर्ष की आयु में मुनिदीक्षा अपने आपमें इतिहास का पहला अवसर था और यह भी पहला अवसर था कि आचार्यश्री के साथ उनके शिष्य जो आज आचार्य हैं उनके द्वारा देशभर में ५०० दीक्षाएं दी गई हैं, आचार्यश्री चलती-फिरती यूनिर्वसिटी हैं। मैंने पिछले ४० सालों में कभी कोई मौका नहीं छोड़ा जब संत के दर्शन को उपस्थित नहीं हुआ हो, और पिछले ४० सालों में कभी ऐसा ऐतिहासिक संत की आवभगत स्वागत नहीं हुआ, यह अद्भुत, अविश्वसनीय था कि कभी सोचा भी नहीं था ऐसा स्वागत भी हो सकता है समाज के द्वारा। इस पर पूरे पांडाल में तालियों की गडग़ड़ाहट गंूज उठी।

स्वच्छता का रखा विशेष ध्यान

जैन मुनिराजों के कोटा में मंगल प्रवेश को देखते हुए कोटा उत्तर विधायक प्रहलाद गुंजल के निर्देश पर केशोरायपाटन तिराहे से रिद्धि-सिद्धि नगर तक के मार्ग पर नदी पार क्षेत्र के पार्षदों ने वरिष्ठ पार्षद बृजेश शर्मा नीटू साथ मिलकर निरन्तर स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा।  सफाई व्यवस्था की पूरी व्यवस्था का जायजा सफाई समिति द्वितीय के चैयरमेन इन्दर कुमार जैन, पार्षद विकास तंवर, राकेश पुटरा, वार्ड समन्वयक चैयरमेन मीणा, कौशल मेहरा लेते रहे। पूरे जुलूस मार्ग को विगत तीन दिन से साफ करवाया गया, साथ ही पूरे कार्यक्रम स्थल के आसपास की भी विशेष सफाई करवाई गई है।

 

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