Friday, 27 February, 2026

डॉक्टर्स व नर्सिंग कर्मियों पर हमला करने वालों की अब खैर नहीं

केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों को पत्र लिखकर FIR दर्ज करने के निर्देश दिये, महामारी (संशोधन) कानून, 2020 के प्रावधानों से कार्रवाई करें
न्यूजवेव @ नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले में शामिल लोगों के खिलाफ मामले दर्ज करने और सख्त महामारी (संशोधन) कानून, 2020 लागू करने के निर्देश दिये हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान देशभर में डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों पर हमले की घटनायें निरंतर सामने आने पर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने शनिवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह पत्र लिखा है।


गृह सचिव भल्ला ने लिखा कि आप इस बात से सहमत होंगे कि डॉक्टरों या स्वास्थ्य पेशेवरों पर धमकी या हमले की घटनायें उनके मनोबल को तोड़ सकती है। उनमें असुरक्षा की भावना पैदा कर सकती है। इससे स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। गृह सचिव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह जरूरी हो गया है कि स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
दोषी को 5 साल की सजा व 2 लाख का जुर्माना
उन्होंने कहा कि हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए और ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए। आप स्थिति के हिसाब से महामारी (संशोधन) कानून, 2020 के प्रावधानों को भी लागू कर सकते हैं। इस कानून के अनुसार, डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों पर हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को 5 साल तक की सजा और 2 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
इसके अलावा, यदि किसी स्वास्थ्यकर्मी को हिंसा की कार्रवाई से गंभीर नुकसान होता है, तो अपराध करने वाले व्यक्ति को 7 साल तक की कैद और 5 लाख रुपये तक जुर्माने की सजा हो सकती है। ये अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे। भल्ला ने कहा कि सोशल मीडिया की आपत्तिजनक विषयवस्तु पर भी कड़ी नजर रखी जाए। कोविड-19 से निपटने में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किए जा रहे बहुमूल्य योगदान के बारे में बताने के लिए अस्पतालों, सोशल मीडिया आदि में पोस्टर के माध्यम से ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।

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