Tuesday, 3 August, 2021

कोरोना महामारी में शहीद डॉक्टर्स को सुवि नेत्र चिकित्सालय ने दी भावांजलि

न्यूजवेव @ कोटा
सुवि नेत्र चिकित्सालय एवं लेसिक लेज़र सेन्टर कोटा में 2 अक्टूबर को संस्थाओं के चिकित्सकों एवं स्टाफ सदस्यों ने ‘ऐ मेरे वतन के लोगांे, जरा आंख में भर लो पानी’ नामक गीत के साथ कोविड महामारी में शहीद हुये चिकित्सकों की याद में 2 मिनट मौन रखकर दीपों के माध्यम से भावांजलि दी। डॉ. वितुल खण्डेलवाल ने भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया।
निदेशक एवं वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ.सुरेश पाण्डेय ने बताया कि कोरोना महामारी में अब तक देश के 500 से अधिक चिकित्सक रोगियों की सेवा करते हुए अपनी जान गंवा बैठे। डॉ. विदुषी शर्मा ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के कोरोना वार्ड में सिंथेटिक पीपीई किट पहनकर घंटों ड्यूटी करना, परिजनों से हफ्तों-महीनों केवल इसलिए दूर रहना ताकि उन्हें संक्रमण न हो जायें, ऐसे पॉजिटिव मरीज जिनके करीब जाने में परिजन भी घबरायें ऐसे दम तोड़ते मरीज़ की साँस को थामने वाले असाधारण डॉक्टर्स ने प्राणों की आहुति तक दे दी।
सरकारी संसाधनों को अत्याधुनिक करें
डॉ.निपुण बागरेचा ने बताया कि इन कर्मवीर चिकित्सकों के ऋण को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। ये स्वास्थ्य प्रहरी राजकीय सम्मान के अधिकारी है। सरकार को संवेदनशील होकर सभी मृतक चिकित्सकों को सम्मान प्रदान करना चाहिये। मेडिकल साइंस के इतिहास में कोरोना वारियर चिकित्सकों का योगदान हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा। भविष्य में सरकारों को कोविड-19 से सबक लेते हुये देश-प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुचारू व संसाधनों को अत्याधुनिक करना होगा। जिससे मरीज एवं चिकित्सक असामयिक ढंग से अपने प्राणों की आहूति देने पर मजबूर न हो सकें। इतने बजट के बावजूद बडे शहरों के अस्पतालों में आईसीयू में बेड व वेंटीलेटर उपलब्ध न होना, हमारे स्वास्थ्य मंत्रालय के लिये भविष्य की चेतावनी है। देश में आबादी के अनुपात में स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल परिवर्तन करने होगे।

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