Tuesday, 28 September, 2021

भारतीय महिला सिरिशा बांदला ने भरी अंतरिक्ष की उड़ान

  • कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद तीसरी भारतीय महिला ने सपने का सच कर दिखाया
  • सिरिशा वर्जिन गैलेक्टिक में गवर्नमेंट अफेयर्स एंड रिसर्च ऑपरेशंस की वाइस प्रेसीडेंट है।

न्यूजवेव @ टेक्सास
भारतीय मूल की महिला सिरिशा बांदला रविवार रात 8ः10 बजे पर वर्जिन गैलेक्टिस कंपनी के ऐतिहासिक अंतरिक्ष अभियान के लिए रवाना हुईं। वह 6 सदस्यीय अंतरिक्ष यात्री दल का हिस्सा हैं जो गैलेक्टिस के मालिक रिचर्ड ब्रैन्सन के नेतृत्व में मैक्सिको के स्पेस स्टेशन से रवाना हुआ। 34 वर्षीय सिरिशा बतौर अंतरिक्ष यात्री उड़ान के दौरान अनुभवों एवं अंतरिक्ष यात्रियां पर होने वाले असर पर शोध करेंगी। वर्जिन ग्रुप ने आधिकारिक जानकारी देते हुये बताया कि विमान भारतीय समयानुसार रात 8.10 बजे रवाना हुआ।

सिरिशा अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की तीसरी और भारत में जन्मी दूसरी महिला हैं। उनसे पहले कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में जा चुकी हैं। सिरिशा का जन्म आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के चिराला में 1987 में हुआ। पिता बी.मुरलीधर और मां अनुराधा यूएसए में जॉब करते थे। वे सिरिशा को बचपन में दादा-दादी के पास छोड़कर अमेरिका चले गए। बाद में उसने यूएसए के टेक्सास प्रांत के ह्यूस्टन में उच्च शिक्षा ली। वहां अंतरिक्ष यानों को नजदीक से देख उसने मन में एक दिन अंतरिक्ष यात्रा का सपना देखा। हालांकि कमजोर दृष्टि के कारण वह वायुसेना में पायलट नहीं बन सकीं। वह अंतरिक्ष यात्रियों के बारे में जानने के लिए हमेशा उत्सुक रहती थीं। इसीलिये उन्होंने इसी क्षेत्र में अपना कॅरिअर बनाने का फैसला किया।


सिरिशा ने 2011 में एयरोस्पेस और एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। उसने जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से 2015 में एमबीए की उपाधि ली। जुलाई 2015 में सिरिशा ने रिचर्ड ब्रैन्सन की कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक जॉइन की। महज दो साल में उनके काम से प्रभावित होकर कंपनी ने प्रमोशन कर दिया और वो 2017 में वर्जिन गैलेक्टिक की बिजनेस डेवलपमेंट और गवर्नमेंट अफेयर्स मैनेजर बन गईं। 6 साल में 3 बार उनका प्रमोशन हुआ। इन दिनों वह वर्जिन गैलेक्टिक कंपनी की गवर्नमेंट अफेयर्स एंड रिसर्च ऑपरेशंस की वाइस प्रेसीडेंट है। सिरिशा को भारतीय व्यंजन बहुत पसंद हैं।

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