Tuesday, 27 October, 2020

35 फीसदी चयनित स्टूडेंट की आईआईटी में रूचि नहीं

इस वर्ष जेईई-मेन से 2.50 लाख हुये क्वालिफाई लेकिन करीब 1 लाख (35%) अनुपस्थित रहने की संभावना
अरविंद
न्यूजवेव @ नईदिल्ली/ कोटा

जेईई-एडवांस्ड,2020 की अधिकृत वेबसाइट पर आईआईटी रूडकी ने जेईई-एडवांस्ड 2019 की संयुक्त क्रियान्वयन समिति (जेआईसी) रिपोर्ट वेबसाइट पर जारी की है। इस रिपोर्ट के कई आंकडे़ देश में आईआईटी संस्थानों में विद्यार्थियों के घटते रूझान को दर्शाते हैं। गत वर्ष मात्र 1,61,319 परीक्षार्थियों ने ही एडवांस्ड परीक्षा दी थी। इस वर्ष 27 सितंबर को होने वाली परीक्षा में यह संख्या और घटकर 1.50 लाख से कम रहने की संभावना है। क्योंंकि 2.50 लाख में से सिर्फ 1.60,864 ने ही रजिस्ट्रेशन करवाया है।

रिपोर्ट के अनुसार, जेईई-मेन2019 से कुल 2,45,194 विद्यार्थियों को जेईई-एडवांस्ड के लिये क्वालिफाई किया गया था। जिसमें से 1,74,432 ने निर्धारित तिथी तक पंजीयन करवाया था । लेकिन 27 मई,2019 को सिर्फ 1,61,319 विद्यार्थी ही परीक्षा में शामिल हुये। अर्थात् 83,875 ( 34.20%) अनुपस्थित विद्यार्थियों ने आईआईटी में एडमिशन लेने में रूचि नहीं दिखाई। इस वर्ष 35% से अधिक स्टूडेंट्स अनुपस्थित रहेंगे।
2307 बेटियां IIT पहुंची

गत वर्ष 23 आईआईटी में कुल 13,604 सीटों के लिये 38,705 परीक्षार्थियों को काउंसलिंग के लिये बुलाया गया था। गत वर्ष जेईई-मेन से 36,669 गर्ल्स में से 5,356 जेईई-एडवांस्ड के लिये क्वालिफाई घोषित की गई थी, जिसमें से कुल 2307 गर्ल्स ने विभिन्न आईआईटी में एडमिशन लिया। इसके लिये 1122 सीटें (17.19 प्रतिशत) गर्ल्स सुपरन्यूमरेरी सीट के रूप अलग से आरक्षित की गई थी, इस वर्ष गर्ल्स के लिये आरक्षित सीटों की संख्या 20 % तक रह सकती है।
इस वर्ष 12वीं बोर्ड मार्क्स की अनिवार्यता हटी
इस वर्ष केंद्र सरकार ने आईआईटी में एडमिशन के लिये 12वीं बोर्ड परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिये न्यूनतम 75 % तथा एससी, एसटी वर्ग के लिये 65 % अंकों की अनिवार्यता तथा टॉप-20 परसेंटाइल में से किसी एक शर्त को पूरी करने की पात्रता को भी हटा लिया है। जिससे आईआईटी में पहुंचने की राह और आसान हो गई है। सिर्फ जेईई-एडवांस्ड की रैंक के आधार पर ही एडमिशन दिये जायेंगे।
बढती सीटें, घटते परीक्षार्थी
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2019 में 23 आईआईटी में बीटेक की 13,604 सीटें थी, जो वर्ष 2020 में बढकर 14,500 तक हो सकती है। जबकि गत वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या 2.45 लाख से घटकर 1,61,319 रही, जो इस वर्ष और भी कम होने के आसार हैं। इस वर्ष जेईई-मेन से क्वालीफाई हुए 2.50 लाख स्टूडेंट्स में से 1 लाख का जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शामिल नही होना कई सवाल खड़े करता है।

देशों में एक भी स्टूडेंट ने रूचि नहीं ली
रिपोर्ट के अनुसार, जेईई-एडवांस्ड परीक्षा गत वर्ष देश के 164 शहरों में निर्धारित 600 परीक्षा केंद्रों पर सीबीटी मोड में हुई थी। 6 देशों अदीस अबाबा (इथोपिया), सिंगापुर, दुबई(यूएई), काठमांडू (नेपाल), कोलम्बो (श्रीलंका), ढाका (बांग्लादेश) में भी इसके सेंटर बनाये गये थे। जिसमें से दो देशों इथोपिया व श्रीलंका में एक भी परीक्षार्थी ने पंजीयन नहीं करवाया, जिसके कारण सिर्फ चार देशों में ही जेईई-एडवांस्ड,2019 परीक्षा आयोजित की गई थी। आईआईटी में विदेशी स्टूडेंट्स का अनुपात बढाने के लिये प्रत्येक आईआईटी में 10 प्रतिशत सीटें विदेशी छात्रों के लिये आरक्षित की जाती है। इसके बावजूद सीटें खाली रह जाती हैं।

तीन वर्षों में घटता रूझान
जेईई-मेन से एडवांस्ड में कमी
वर्ष     क्वालिफाई   अनुपस्थित (%)
2019   2,45,194    83,875  (34.20)
2018   2,31,024   66,822  (28.92)
2017   2,21834    62,294  (28.08)

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