Sunday, 30 August, 2026

कोटा में खुला राजस्थान का दूसरा पासपोर्ट ऑफिस, 29 सितंबर को शुभारंभ

बड़ी सौगात: लोकसभा अध्यक्ष बिरला करेंगे उद्घाटन, विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन रहेंगे उपस्थित

न्यूजवेव@कोटा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। स्पीकर बिरला और विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन 29 सितम्बर शुक्रवार को कोटा में औद्योगिक क्षेत्र स्थित रोड नंबर 2 पर प्रदेश के दूसरे पासपोर्ट कार्यालय का शुभारंभ करेंगे। इससे अब कोटा में ही पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी।

स्पीकर बिरला के सांसद के रूप में प्रथम कार्यकाल के दौरान नयापुरा डाकघर में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का शुभारंभ हुआ था। इससे कोटा में पासपोर्ट आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई थी। परन्तु इसके पूर्ण पासपोर्ट कार्यालय नहीं होने से पासपोर्ट जयपुर से जारी होते थे, जिसमें काफी समय लगता था। इसके अलावा यहां तत्काल पासपोर्ट बनवाने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी।

अपने दूसरे कार्यकाल के प्रारंभ से ही स्पीकर बिरला ने कोटा में पूर्ण पासपोर्ट कार्यालय की स्थापना के प्रयास प्रारंभ कर दिए थे। उनकी कोशिशों से विदेश मंत्रालय ने जयपुर के बाद कोटा में प्रदेश का दूसरा तथा देश के 37वां पासपोर्ट कार्यालय प्रारंभ करने की स्वीकृति जारी कर दी थी। अब शुक्रवार सुबह 11 बजे इसका उद्घाटन होने के बाद स्थानीय स्तर पर पासपोर्ट जारी होना प्रारंभ हो जाएंगे। उद्घाटन कार्यक्रम के बाद स्पीकर बिरला और मंत्री मुरलीधरन करियर पाइंट ऑडिटोरियम में आयोजित सभा को संबोधित करेंगे।

पासपोर्ट ऑफिस से यह लाभ

कोटा में ही तत्काल पासपोर्ट बन सकेंगे। साधारण पासपोर्ट जारी करने के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। स्थानीय स्तर पर वरिष्ठ तथा सक्षम अधिकारियों की उपलब्धता से समस्याओं का तत्काल समाधान भी हो सकेगा। इससे पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया सरल और त्वरित होगी।

15 जिले के लोगों को होगा फायदा

पूर्ण पासपोर्ट कार्यालय होने के कारण बूंदी, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, राजसमंद, बांसवाड़ा तथा नवगठित शाहपुरा, गंगापुर सिटी तथा सलूम्बर जिले के लोगों के लिए कोटा अब सबसे नजदीकी पासपोर्ट कार्यालय होगा। पहले यहां के नागरिकों को पासपोर्ट के लिए जयपुर जाना पड़ता था, लेकिन कोटा की दूरी कम होने के कारण उन्हें धन और समय की बचत होगी।

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