Thursday, 15 January, 2026

कोटा में मां-बेटी के डबल मर्डर के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

ज्वैलर के पास ढाई माह चौकीदार रहा मस्तराम लूट से रातोरात करोड़पति होना चाहता था

न्यूजवेव@कोटा

कोटा के स्टेशन क्षेत्र में गुरुद्वारा कॉलोनी में जैन मंदिर के सामने 31 जनवरी की रात हुई रात को लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए ज्वैलर के घर में घुसकर मां-बेटी की हत्या उसके ही मुनीम ने अपने एक साथी के साथ मिलकर की थी। घटना के बाद हत्यारे एक पॉवर बाइक पर करीब साढ़े 15 किलो जेवरात व 37 लाख रुपए नकद लूट ले गए थे।

पुलिस महानिरीक्षक कोटा रेंज विपिन कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस मामले में चांदमल विजयवर्गीय ने पुलिस स्टेशन में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 31 जनवरी को वे रोज की तरह शाम को मंदिर दर्शन करने गए थे। जहां से वह जब करीब पौने नौ बजे वापस घर पहुंचे, तो उनकी बहू विनीता व पोती पलक लहुलुहान हाल में घर के ड्राईंग रूम में पड़े थे। कमरे में हर ओर खून फैला था। तिजोरी का सामान फैला पड़ा था। इस पर वह चिल्लाया तो मोहल्ले के लोग भागकर आए। उन्होंने उसके पुत्र राजेन्द्र को दुकान से बुलाया। तो घर से जेवरात व 37 लाख रुपए घर पर नकद गायब मिले। इस मामले मेें पुलिस ने हत्या व लूट का मुकदमा दर्ज किया।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम 

मस्तराम ने अपने ही गांव के लोकेश मीणा से मिलकर ज्वैलर के घर पर लूट करने की योजना बनाई। दोनों हत्यारों ने लोहे के सरिये लेकर गांव से ज्वैलर की दुकान पर पहुंचे। जहां पर ज्वैलर राजेन्द्र विजय को दुकान पर बैठा हुआ देखा उसके बाद ज्वैलर के घर के नजदीक पहुंचकर ज्वैलर के पिता चांदमल के घर से निकलने का इंतजार करने लगे। हर रोज ही भांति चांदमल करीब पौने 8 बजे घर से मंदिर दर्शन के लिए निकले।

चांदमल के घर से निकलते ही दोनों आरोपी लोहे के सरिये लेकर मकान में घुस गए एवं घुसते ही मकान के प्रथम तल पर हरने वाले ज्वैलर की पत्नी विनीता एवं पुत्री पलक पर लोहे के सरिये से ताबडतोड वार करने शुरू कर दिए और उनके दम निकलने तक बर्बरता पूपर्व वार करते रहे। हत्या के बाद दोनों की लाश को ड्राईंग रूम में घसीट कर पटक दिया। इसके बाद दोनों आरोपी ने घर की तिजोरी से करीब 37 लाख रुपए व जेवरात लूट लिए तथा वहां से फरार हो गए।

चौकीदारी का काम करता था मस्तराम 

उन्होंने बताया कि मस्तराम करीब डेढ़ वर्ष पहले ज्वैलर राजेन्द्र विजय की स्टेशन रोड स्थित दुकान विजय ज्वैलर्स पर चौकीदार का काम करता था। उसने अपनी इच्छा से वहां करीब ढाई माह नौकरी की तथा बाद में नौकरी छोड़कर चला गया। इस दौरान वह ज्वैलर के घर भी जाता था। इसके चलते वह ज्वैलर के घर की पूरी जानकारी रखता था।

आधे घंटे में एक्शन में आई पुलिस 

इस मामले में सूचना मिलते ही पुलिस ने कोटा शहर समेत आसपास के जिलों में नाकाबंदी शुरू करवाई। एफएसएल व डॉग स्कवाड टीम से घटना का सुराग लगाने के प्रयास किए गए। साइबर टीम के साथ-साथ कोटा शहर के थाना कन्हाड़ी, रेलवे स्टेशन, बोरखेड़ा, उद्योग नगर, कैथूनीपोल व कोतवाली के थानाधिकारियों के नेतृत्व में करीब 200 अनुभवी पुलिसकर्मियों की 7 टीम गठित कर अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई।

150 सीसीटीवी कैमरे खंगाले 

भीमगंजमंडी समेत 5 थाना इलाकों के करीब 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे चैक कर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ शुरू की गई। इनमें से बड़ी संख्या में कैमरे खराब मिले तो कई कैमरों के सामने खिलौने व अन्य कुछ होने से इनकी फुटेज बेकार साबित हुई। घटनास्थल से आसपास व कोटा शहर में बाहर से आकर नौकरी व मजदूरी करने वाले व्यक्तियों की गतिविधियों को चैक किया व 3 सौ से अधिक संदिग्ध लोगों से पूछताछ की।

रेलवे जंक्शन के होटल , सराय व धर्मशालाओं व डेरो की चैकिंग का सघन अभियान चलाया। पीडित परिवार के परिचित व्यक्तियों से ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटा कर इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले क्रूर हत्यारों तक पहुंचने के लिए सुराग लगाए गए। आपराधिक गतिविधियों वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी रखी गई व पूछताछ की गई। पुलिस के गंभीर प्रयासों व सुरागसी के बाद जितने भी संदिग्ध व्यक्ति सामने आए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई।

पुख्ता सूचना पर इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले अभियुक्त बूंदी जिले के केशोरायपाटन के बड़ी तीरथ गांव के हनुमान मंदिर के निकट रहने वाले मस्तराम उर्फ सल्लू मीणा (28), बड़ी तीरथ के लोकेश मीणा (20)को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मस्तराम टूट गया। इस पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर 21 लाख 70 हजार रुपए, 2 किलो 26 ग्राम सोना, करीब साढ़े 13 किलो चांदी के जेवरात बरामद किए।

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