Thursday, 25 April, 2024

शिक्षा ऐसी हो जो युवाओं को नौकरी देने वाला बनाये – कलराज मिश्र

कोटा विश्वविद्यालय के नवम दीक्षांत समारोह में 57 विद्यार्थियों को मिले स्वर्णपदक, कुल 72,347 उपाधियों का अनुमोदन

न्यूजवेव @ कोटा

राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने मंगलवार को कोटा विश्वविद्यालय के नवम् दीक्षान्त समारोह में वर्ष 2020 में विभिन्न संकायों के यूजी एवं पीजी मेरिट धारकों को स्वर्णपदक एवं मेरिट प्रमाणपत्र प्रदान किये। इनमें साइंस में 18, कॉमर्स, आर्ट्स, शिक्षा व समाजशास्त्र में 9-9 व लॉ में 3 विद्यार्थियों सहित कुल 57 को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। पीएचडी में पाचं संकायों के कुल 37 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधियां प्रदान की गई। जिसमें सर्वाधिक 15 शोधार्थी आर्ट्स संकाय से रहे।


यू.आई.टी. सभागार में आयोजित समारोह में कैंसर अस्पताल एवं शोध केन्द्र ग्वालियर के संस्थापक निदेशक प्रो.बी.आर. श्रीवास्तव मुख्य अतिथि रहे। खास बात यह रही कि दीक्षांत समारोह में सभी अतिथी भारतीय वेशभूषा पहनकर रहे। दीक्षांत समारोह में 6 वर्षो में विधि संकाय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले वसीम राजा एवं विज्ञान संकाय में यूजी विद्यार्थी नमिता मालव को कुलाधिपति पदक व प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया। इस समारोह में 6 संकायों के कुल 72,347 विद्यार्थियों की यूजी व पीजी उपाधियों का अनुमोदन किया गया। इनमें सर्वाधिक 43,917 उपाधियां ऑटर्स संकाय की हैं। साइंस में 7092 ने डिग्री ली। जबकि लॉ में सबसे कम 295 विद्यार्थियों ने ही डिग्री प्राप्त की।

उच्च शिक्षा में बेटियों ने मारी बाजी
कोटा विवि से 2020 में उपाधियां लेने वाले विद्यार्थियों में 6 संकायों में कुल 57 स्वर्णपदक में से 42 पदक छात्राओं को मिले, जबकि 15 छात्र ही स्वर्णपदक प्राप्त कर सके। इसी तरह, पीएचडी में भी कुल 37 में से 25 पर छात्राओं को शोध उपाधि मिली जबकि छात्र 12 ही रहे। साइंस में 15 छात्राओं ने स्वर्णपदक जीते, जबकि 3 छात्रों ने स्वर्णपदक प्राप्त किये।

नौकरी करने वाले नहीं, नौकरी देने वाले युवा बनें
कुलाधिपति कलराज मिश्र ने कहा कि आज ’राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ है। आधुनिक विज्ञान के जनक डॉ.चंद्रशेखर वेंकटरमन ने आज के दिन ‘रमन प्रभाव’ खोज की घोषणा की थी।  इस खोज के लिए 1930 में उन्हें पहले एशियाई व्यक्ति के रूप में भौतिक विज्ञान का नोबल पुरस्कार मिला था। हमारे विद्यार्थी उनसे प्रेरणा लेकर भारत को वैज्ञानिक शोध और अनुसंधान में अग्रणी बनायें। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि कौषल विकास के साथ रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के साथ युवाओं को नौकरी करने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वालों के रूप में हम तैयार करे। विवि ऐसे कोर्सेस तैयार करे जिससे स्थानीय ज्ञान-विज्ञान के साथ विद्यार्थी विकसित भारत में सहयोग कर सके।
दीक्षांत अतिथी प्रो. बी.आर. श्रीवास्तव ने कहा कि हम नई शिक्षा नीति के साथ एक नये युग में कदम रख रहे हैं। हम स्किल डेवलपमेंट के साथ उद्यमिता एवं नवाचार का विकास भी करें।
आज 229 कॉलेजों में 3 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत
कुलपति प्रो नीलिमा सिंह ने कहा कि 20 वर्ष स्थापित कोटा यूनिवर्सिटी को यूजीसी द्वारा 12-बी का दर्जा प्राप्त है। 2016 में नॉक द्वारा इसे बी ग्रेड प्रदान की गई है। रूसा योजना में विवि को 20 करोड़ का अनुदान स्वीकृत है। विवि की स्थापना के समय 6 जिलों कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड, सवाईमाधोपुर व करौली के 34 संबद्ध कॉलेजों में 81, 725 विद्यार्थी अध्ययनरत थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 229 कॉलेजों में 3 लाख विद्यार्थियों तक पहुंच गई है। कुलसचिव, डॉ. आर.के. उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। दीक्षान्त समारोह में कला, समाज विज्ञान, विज्ञान, वाणिज्य, शिक्षा व विधि संकाय के अधिष्ठाता उपस्थित रहे।

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