Tuesday, 18 June, 2024

हम मनोविकारों से जीतना सीखें- डॉ.अविनाश जोशी

ISTD की दो दिनी नॉर्थ रीजनल कॉन्फ्रेंस में मानसिक स्वास्थ्य पर हुआ मंथन
न्यूजवेव @ कोटा

मेडिसिन सिर्फ हमारे शरीर को नियंत्रित करती है लेकिन इनसे मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित नहीं रखा जा सकता है। इसलिये हम विकृतियों को स्वीकार कर मनोविकारों से जीतना सीखें। ISTD नॉर्थ रीजनल कॉन्फ्रेंस में मेंटल हैल्थ पर पैनल चर्चा करते हुये ISTD के निदेशक डॉ. अविनाश जोशी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन, दीपिका प्रादुकोण और संजय दत्त भी अवसाद से बाहर निकले हैं। WHO की रिपोर्ट के अनुसार, आज 7.5 प्रतिशत आबादी मनोविकार की शिकार है। जिसमें 15 से 39 वर्ष की उम्र वालों में सुसाइड करने वाले सर्वाधिक है। इसके लिये समाज में मेंटल हैल्थ की अवेयरनेस जरूरी है।


वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ.एम.एल.अग्रवाल ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद 12.5 फीसदी लोगों में डिप्रेशन या एंग्जाइटी है। दुनिया में प्रतिवर्ष 8 लाख लोग सुसाइड करते हैं, जिसमें 1.30 लाख मौतें भारत में सुसाइड से होती है। 20 फीसदी मनोरोगी आत्महत्या करने का प्रयास करते हैं। अर्थात् प्रत्येक 4 में से 1 मनोविकार से ग्रसित है। उन्होने प्रजेंटेशन में बताया कि सुसाइड करने वालों में शराब व ड्रग्स का सेवन करने वाले अधिक होते हैं।

नईदिल्ली के साइक्लोजिस्ट डॉ आरके सूरी ने कहा कि कोरोना के कारण हमारे दर्द की सीमा बढ गई है। हमें आनंद, पैशन, परपज और अंतिम सत्य मोक्ष से रूबरू होना है। प्रिज्म वर्ल्ड की सीईओ डॉ अनुभा कालिया ने प्रतिभागियों को आहार-आचार, विचार-व्यवहार को संतुलित रखकर स्वस्थ बने रहने के लिये अभ्यास करवाया।

..इसलिये होते हैं कोटा में सुसाइड
होप सोसायटी कोटा के अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि वे अब तक 7500 से अधिक कोचिंग विद्यार्थियों को परामर्श दे चुके हैं। कोटा में बाहर से आने वाले कई विद्यार्थी 2-3 वर्ष पुराने मानसिक रोग साथ लेकर आते हैं। OCD से ग्रसित रोगी विचारों पर कंट्रोल नहीं कर पाते हैं, वे सफाई नहीं करते हैं, नींद एवं भूख से उन्हें बैचेनी बनी रहती है। कमरे में अकेले रहते हुये वे मानसिक अवसाद से घिर जाते हैं। पढ़ाई के कारण वे मानसिक तनाव में नहीं आ रहे हैं।
पिछले दिनों एक कोचिंग छात्र की मां ने उन्हें बताया कि बेटे को 3 साल से कान में आवाज आ रही है, कोटा में वे 6 माह पहले आये हैं। डॉ. अग्रवाल ने सलाह दी कि अभिभावक बच्चों का सेल्फ डायग्नोसिस नहीं करें। दुख या तनाव की स्थिति को बच्चों से 2 मिनट बात करते टाल सकते हैं। मानसिक तनाव या अवसाद होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। खुद ही जज नहीं बनें। डिप्रेशन होने पर होप सोसायटी के हेल्पलाइन नंबर 0744-2333666 से निःशुल्क मदद ले सकते हैं।
मोमबत्ती भी खुद से बुझ जाती है


कॉन्फ्रेंस के पहले सत्र में परमार्थ निकेतन, रिषिकेश की साध्वी भगवती सरस्वती ने दिशा गलत हो तो मोमबत्ती भी खुद से ही बुझ जाती है। आज वाणी एवं विचारों से भी हिंसा हो रही है। हमारी आत्मा के बाहरी आवरण दूषित हो रहे हैं। इसे रोककर हर जगह खुशी का फार्मूला तलाशें। ISTD के पूर्व अध्यक्ष डॉ योगेश उपाध्याय ने कहा कि जीवन की तराजू में खुशी और गम दोनो हैं, इसलिये जिंदादिली से जीन सीखें। IIM त्रिची के निदेशक डॉ.पीके सिंह ने कहा कि हम अस्तित्व में बजने वाले संगीत के साथ लयबद्ध हो जाये तो मनोविकार स्वतः दूर हो जायेंगे।
ISTD कोटा चेप्टर की चेयरपर्सन अनिता चौहान ने दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में देशभर के विशेषज्ञों नेे व्यक्ति, परिवार, समाज और देश के समग्र विकास पर शोधपरक मंथन किया। नॉर्थ रीजन के वाइस प्रेसीडेंट डॉ.पीके शर्मा एवं आयोजन सचिव एके सक्सेना ने सभी विशेषज्ञों व प्रतिनिधियों का आभार जताया। वाइस चेयरपर्सन सुजाता ताथेड ने संचालन किया। समापन समारोह में 19-20 मई को विज्ञान भवन, नईदिल्ली में होने वाली 49वीं वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस IFTDO-2022 के ब्रोशर का विमोचन किया।

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