Saturday, 4 December, 2021

राजस्थान से ‘आत्मनिर्भर परिवार’ अभियान प्रारंभ

‘संकल्प-2021’ : दो दिवसीय कार्यशाला  में पहुंचे विभिन्न राज्यों के 500 से अधिक प्रतिनिधी
न्यूजवेव @ कोटा

कोरोना महामारी के बाद नई आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिये राजस्थान से ‘आत्मनिर्भर परिवार’ अभियान की शुरूआत की गई है। उदयपुर में हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला ‘संकल्प-2021’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक हस्तीमल ने आत्मनिर्भर परिवार के ब्रोशर का विमाचन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने हर क्षेत्र में चुनौतियां एवं अवसर दिये हैं। हम संकल्प लें कि परिवार के साथ समाज और राष्ट्र आत्मनिर्भर होकर कैसे आगे बढ़ सकता है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संदेश दिया है कि 130 करोड़ नागरिक एक संयुक्त संकल्प लें कि हमें भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। आगे का रास्ता लोकल मैन्यूफेक्चरिंग, लोकल मार्केट्स, लोकल सप्लाई चेन में निहित है। लोकल केवल एक आवश्यकता नहीं है बल्कि एक जिम्मेदारी है। लोकसभा अध्यक्ष व कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला ने स्वरोजगार से जुडे़ इस अभियान को हर वर्ग के लिये उपयोगी बताया।
बेलेंस लाइफ कोच एवं मोदी केयर के प्रमुख सलाहकार आभा जितेंद्र जैन ने कहा कि कोटा से प्रारंभ हुये ‘आत्मनिर्भर परिवार’ अभियान में अब तक सुदूर गांवों तक 10 हजार परिवार जुड़ चुके हैं। सीधी बिक्री कारोबार से हम हर परिवार में सुख-समृद्धि के द्वार खोल सकते हैं।
यह मैं भी कर सकता हूं..


महेंद्र मीना तलेसरा ने बताया कि संकल्प-2021 में विभिन्न प्रदेशों से बडी संख्या में प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुंबई की सीबी अर्चना कुमारी, हाथरस के नवीन गुप्ता, ब्यावर के नरेंद्र चौहान, जेतारन के विमल रांकावत, उदयपुर के निर्मल सुनीता जैन आदि ने बताया कि कोरोना वैश्विक महामारी में उतार-चढ़ावों का सामना करते हुये वे कैसे परिवार को आत्मनिर्भर बनाने में सफल रहे। अपने भीतर जीत की जिद फिर से पैदा करें और आत्मविश्वास से कहें-‘यह मैं भी कर सकता हूं।’ हमेशा नौकरी पर निर्भर नहीं रहें, हमेशा सर्वेंट बने रहने की बजाय अपने भीतर ऑनरशिप विकसित करें।
सीधी बिक्री से बनें आत्मनिर्भर


विशिष्ट अतिथि मोदी केयर के नॉर्थ इंडिया प्रमुख दुष्यंत अश्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में बिजनेस, नौकरी एवं सर्विस सेक्टर से जुडे़ लोगों की आय में 25 से 30 प्रतिशत तक गिरावट आई। अकेले अप्रैल-मई माह में 2 करोड़ लोगों को जॉब से हाथ धोना पड़ा है। पिछले 1 वर्ष में देश में बेरोजगारी दर 23 प्रतिशत बढ़ी है। कोरोना से 97 फीसदी परिवारों में मासिक आय कम हो गई है। इससे उबरने के लिये हमें स्वरोजगार के विकल्प चुननें होंगे।
मोदी केयर इंडिया के राजस्थान प्रमुख अमित कुमार ने कहा कि आज दुनिया में घरेलू उत्पादों का 12 से 13 फीसदी बिजनेस सीधी बिक्री इंडस्ट्री से होता है, जबकि भारत में सीधी बिक्री कारोबार अभी सिर्फ 4 फीसदी ही है। अगले 5 वर्षों में डिजिटल इंडिया से इसमें तेजी से ग्रोथ होने की संभावना है।
जीरो से हीरो बना 23 वर्षीय शंकर वैष्णव

बिलाडा जोधपुर के शंकर वैष्णव के पिता लक्ष्मणदास हलवाई हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से वह बीए भी नहीं कर सका। धर्मकांटे पर उसने 4 हजार रू वेतन पर काम किया। परिचित ने घरेलू उत्पाद बेचने की सुझाव दिया। उसने बिना कुछ निवेश किये इस काम में रूचि ली। सीधी बिक्री के जरिये पहली आय मात्र 262 रू हुई थी। लेकिन मेहनत करते हुये 9 राज्यों में 700 लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा। 23 साल की उम्र में मासिक आय 80 हजार रू हो गई है। बेरोजगारी से जूझते हुये वह जीरो से हीरो बन गया।
इसी तरह, उज्जैन जिले के बरथून गांव के लालू गुर्जर ने बीए के बाद मोबाइल रिपेयरिंग की छोटी सी दुकान खोल ली। लेकिन मोबाइल की दूसरी दुकाने खुल जाने से आय बहुत कम हो गई। तब उसने निश्चय कर लिया कि घर खर्च चलाने के लिये कोई नया काम शुरू करूंगा। उसने घरेलू उत्पादों को बेचना शुरू किया, जिससे हर महीने 30,000 से अधिक आय होने लगी। उसका कहना है कि हर बेरोजगार घरेलू उत्पादों की सीधी बिक्री कर अपने परिवार को आत्मनिर्भर बना सकता है।

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