Tuesday, 1 December, 2020

आरटीयू के 10वें दीक्षांत समारोह में 21403 को मिलेगी डिग्रियां

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में 31वीं अकादमिक परिषद की वर्चुअल बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय

न्यूजवेव @ कोटा
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुलपति प्रो.आर.ए. गुप्ता की अध्यक्षता में अकादमिक परिषद की 31वीं वर्चुअल बैठक आयोजित हुई। जिसमें 22 जनवरी 2021 को होने वाले यूनिवर्सिटी के 10वें दीक्षान्त समारोह में वितरित की जाने वाली उपाधियों, कुलाधिपति द्वारा प्रदत्त स्वर्ण पदक एवं कुलपति द्वारा प्रदत्त स्वर्ण पदक के् प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। परीक्षा नियंत्रक प्रो. धीरेन्द्र माथुर ने बताया कि नये वर्ष के दीक्षांत समारोह में कुल 21,403 डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।

Prof.R.A.Gupta, VC

कुलपति प्रो. आर.ए. गुप्ता ने बताया कि कोविड-19 को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने प्रथम वर्ष के परीक्षा पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत की कटौती की है। उन्होने बताया कि बी.एस.सी एवं वोकेशनल में डिप्लोमा प्राप्त छात्र बीटेक द्वितीय वर्ष में प्रवेश ले सकेंगे। इसके लिये उन्हें एक ब्रिज कोर्स करना होगा जो उनके अध्ययन के साथ ही होगा।
डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो.डी.के.पलवालिया ने बताया कि आरटीयू द्वारा एम.टेक, एम.बी.ए व एम.सी.ए के पाठ्यक्रमों में बदलाव करते हुए नये पाठ्यक्रम पारित किये गये हैं जिन्हें इसी सत्र से लागू किया जा रहा है। अब एम.टेक की 12 शाखाओं, एमबीए व एमसीए के नवीन च्वाईस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम आधारित पाठ्यक्रमों को भी आज अनुमति दी दी गई। उक्त सभी पाठ्यक्रमों में मूक्स कोर्स को बढावा देना, ऑडिट कोर्स को शामिल करने तथा कोर्सेस को इंडस्ट्रीज पर फोकस करते हुये रोजगारोन्मुखी बनाया गया है।

पीएचडी के नये प्रस्ताव पारित
डीन रिसर्च प्रो.एस.के पाराशर ने बताया कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के पी.एच.डी. ऑर्डिनेन्स एंव रेग्यूलेशन में यूजीसी पी.एच.डी. रेग्यूलेशन 2016 एंव उसके 2018 के संशोधन के अनुरुप परिवर्तन किये जाने के प्रस्ताव को पारित किया गया है। इसमें प्रवेश परीक्षा में एसटी, एससी, ओबीसी, एसबीसी तथा द्विव्यांग आवेदको को प्रवेश परीक्षा में अर्हता में 5 प्रतिशत छूट दी जायेगी। पीएचडी. प्रवेश हेतु अंतिम मेरिट बनाने के लिए लिखित परिक्षा को 70 प्रतिशत एवं साक्षात्कार/ मौखिक परीक्षा को 30 प्रतिशत महत्व दिया जाएगा। रिसर्च एंव पब्लिकेशन ऐथिक पर एक नया कोर्स वर्क शोधार्थियों को करना अनिवार्य होगा। उल्लेखनीय है कि कोविड महामारी के कारण पीएचडी की समस्त मौखिक परीक्षाओं यथा रिसर्च प्रपोजल प्रजेन्टेशन, कॉन्प्रेहेन्सिव परीक्षा वाईवा (मौखिक परीक्षा), प्री सिनोप्सिस प्रजेन्टेशन, पी.एच.डी. फाइनल वाईवा को आनलाइन करने की अनुमति विद्या परिषद एंव बोम द्वारा पूर्व में ही जारी की जा चुकी है।

बैठक में यूनिवर्सिटी के डीन, फेकल्टी अफेयर्स प्रो. अनिल के. माथुर, डीन, एफओईए प्रो.बीपी सुनेजा, डीन एमबीए प्रो. संजीव मिश्रा, डीन एमसीए प्रो. सी.पी.गुप्ता, डीन एप्लाईड साईंस प्रो. विवेक पाण्डे तथा कुलसचिव सुनिता डागा उपस्थित रहे।

(Visited 67 times, 1 visits today)

Check Also

दिव्यांग तुहिन ने असंभव को संभव कर दिखाया

जज्बा : सेरीब्रल पाल्सी से ग्रसित तुहिन का आधा शरीर व हाथ-पैर काम नहीं करते, …

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: