Wednesday, 14 April, 2021

जेईई-मेन में मैथ्स से बढ़ी मुश्किल, फिजिक्स ने दी राहत

न्यूजवेव @ कोटा
बीटेक के लिए जेईई-मेन फरवरी 2021 परीक्षा बुधवार से प्रारंभ हुई। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने जेईई-मेन का पेपर एनालिसिस कर बताया कि विद्यार्थियों के फीडबैक एवं सीसेट पर प्राप्त रिस्पाॅन्सेज के आधार पर फिजिक्स आसान, कैमिस्ट्री एवरेज तथा मैथ्स का पेपर लेन्दी रहा।


इस वर्ष कोविड के कारण एनटीए ने पेपर में कुछ बदलाव किए। जो टाॅपिक 12वीं कक्षा के सिलेबस से हटाए गए थे, उनके सवाल सिर्फ इंटीजर सेक्शन में पूछे गए। ताकि स्टूडेंट्स उन्हें करने या नहीं करने का विकल्प चुने। लेकिन, ऐसे टाॅपिक्स से सवाल 20 प्रश्नों में थे। जिनके लिए स्टूडेंट्स के पास विकल्प नहीं था। जैसे फिजिक्स के ट्रांजिस्टर, कैमिस्ट्री में मेटलर्जी एवं पाॅलीमर से इस तरह के प्रश्न पूछे गए थे। भ्रमित होकर जो स्टूडेंट्स इन प्रश्नों को छोड़ आए है, उन्हें नुकसान होगा। न्यूमेरिकल सेक्शन के सभी न्यूमेरिकल में प्रत्येक सब्जेक्ट में 10 में से 5 सवालों को हल करना था।
इस वर्ष राउण्ड आफ करने के निर्देश
जेईई मेन फरवरी बीटेक के पेपर में न्यूमेरिकल सवालों में आंसर को राउण्ड आफ करने को कहा गया । जबकि गत वर्ष ऐसा नहीं था। उदाहरण के लिए यदि आंसर 23.4 है तो इस बार राउण्ड आफ करने के बाद आंसर 24 होगा। इसलिए स्टूडेंट्स पेपर प्रारंभ करने से पहले दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
कैमिस्ट्री में रहा संतुलित
पेपर एनसीईआरटी बेस्ड था। जेईई एडवांस्ड के कुछ पुराने प्रश्न भी पूछे गए थे। फिजिकल कैमिस्ट्री से कम प्रश्न पूछे गए थे। ज्यादा प्रश्न आर्गेनिक व इनआर्गेनिक कैमिस्ट्री से पूछे गए थे। जैसे मेटलर्जी, बाॅयोमोलिक्यूल, कार्बनिक अभिक्रियाओं में आक्सीडेशन, पाॅलीमर, बोरेक्स बीड टेस्ट, बीसीसी में काॅर्डिनेशन नंबर तथा एनवायरमेन्टल कैमिस्ट्री में मैटर के एनएरोबिक, आक्सीडेशन से बनी गैस के बारे में पूछा गया था। इसके अलावा कायनेटिक्स, कैमिकल इक्वीलिबिरियम एवं बाॅयोमोलिक्यूल से भी प्रश्न पूछे गए।
फिजिक्स से मिला सुकून
जेईई मेन परीक्षा में फिजिक्स के पेपर में स्टूडेंट्स को ज्यादा मुश्किलें नहीं आई। पिछले वर्षों की तुलना में पेपर आसान था। एनसीईआरटी बुक्स के 11वीं एवं 12वीं टाॅपिक्स से लगभग समान प्रश्न पूछे गए थे। सभी चैप्टर्स को अच्छा वेटेज दिया गया था। जिसमें मेकेनिक्स, ग्रेविटेशन के सवाल अधिक थे। इसके अलावा फ्रिक्शन एवं ट्रांजिस्टर से भी उचित संख्या में प्रश्न आए थे। कुछ सवाल थ्योरोटिकल भी थे।
मैथ्स में रही उलझन
पेपर अन्य दो विषयों की अपेक्षा अधिक केलकुलेटिव व लेन्दी था और लगभग सभी टाॅपिक्स से प्रश्न पूछे गए थे। कुछ प्रश्न पिछले वर्षों के जेईई एडवांस्ड के पेपर्स के डायरेक्ट भी पूछे गए थे। मैथ में वेक्टर थ्री डी, काॅर्डिनेट ज्योमेट्री, इनडेफिनेट इंटीग्रेशन, पी एंड सी व प्रोबेबिलिटी जैसे टाॅपिक्स से स्टूडेंट्स की मैथेमेटिकल स्किल को परखा गया। मेथ्स में जो टाॅपिक जो सिर्फ जेईई मेन में होते है, उनसे कम सवाल पूछे गए थे।

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