Thursday, 30 April, 2026

गौसेवक संत पूज्य पं.कमल किशोर जी नागर की कथा बकानी में 15 जनवरी से

न्यूजवेव @ बकानी
मालवा के दिव्य गौसेवक संत पूज्य पं.कमल किशोरजी नागर के मुखारविंद से बकानी के पास थोबडिया खुर्द गांव में विराट श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ गुरूवार 15 जनवरी से होगा। कथा आयोजक गौसेवक श्री मोहनलाल मदनलाल विश्वकर्मा ने बताया कि भूमि पूजन के पश्चात कथा स्थल पर विशाल डोम एवं पांडाल बनाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं एवं पुरूष भक्तों के बैठने के लिये अलग-अलग व्यवस्था की गई है। पूज्य श्री नागरजी यहां प्रतिदिन 12 से 3 बजे तक ओजस्वी प्रवचन देगे।
गुरूवार 15 जनवरी को प्रातः कथा स्थल पर भव्य कलश यात्रा निकाली जायेगी, जिसमें बकानी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिलायें एवं गौ भक्त शामिल होंगे।
आयोजन समिति के प्रवक्ता ने बताया कि बकानी से एक किमी दूर थोबडिया खुर्द गांव के समीप लगभग 40 बीघा भूमि में विराट कथा पांडाल बनाया गया है। इसके नजदीक दुपहिया व चार पहिया वाहनों के लिये व्यवस्थित पार्किंग स्थल समतल कर दिये गये हैं। सर्दी को ध्यान में रखते हुये कथा स्थल पर ठहरने वाले भक्तों के लिये टेंट में आवास, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, सुरक्षा आदि समितियों  के सदस्य अंतिम तैयारियों में जुटे हुये हैं। बाहर से आने वाले अतिथियों को ठहराने के लिये बकानी में घर-घर आवास व्यवस्था की जा रही है।
11 वर्षीय बाल संत गोविंद जी की अमृत वाणी भी –

Shri Govind ji

आयोजक श्री पूरीलाल विश्वकर्मा ने बताया कि श्रीमद भागवत कथा में पूज्य नागरजी के 11 वर्षीय सुपौत्र बाल संत गोविंदजी अपनी मधुर वाणी से प्रतिदिन एक घंटा प्रवचन देंगे। उनके ओजस्वी प्रवचन एवं सुमधुर भजन सुनने के लिये मालवा क्षेत्र से हजारों गोभक्त बकानी आयेंगे। पूज्य पं.नागरजी मंगलवार रात्रि में थोबड़िया गांव में पहुंच रहे हैं। वे कथा पांडाल के पार्श्व में बनाई गई साधारण कुटिया में ही सात दिन निवास करेंगे। साथ ही प्रतिदिन रात्रि में भक्तों के साथ ठाकुरजी के सामूहिक भजन-संकीर्तन में भी शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान व मध्यप्रदेश के सीमावर्ती कस्बे बकानी में 20 साल बाद पूज्य पं.नागरजी की कथा होने से हाडौती एवं मालवा अंचल के हजारों गोसेवकों मंे अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। हाड़ौती से कोटा, मोड़क, चेचट,रामगंजमंडी, झालावाड़, झालरापाटन, भवानीमंडी, रायपुर, पिड़ावा, सुनेल, बकानी, अकलेरा, मनोहरथाना, असनावर एवं मालवा के सोयत, गोघटपुर, माचलपुर, गागोरनी, जीरापुर, खिलचीपुर, ब्यावरा, पचोर, राजगढ़ सहित आसपास के सभी ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों गौभक्तों के आवागमन से बकानी में धार्मिक मेले जैसा वातारण दिखाई देगा।
222 गौशालाओं में गौ सेवा –
उल्लेखनीय है कि गोसेवक संत पं.नागरजी की प्रेरणा से हाड़ौती एवं मध्यप्रदेश में 222 गौशालाये जनसहयोग से सुचारू ढंग से संचालित की जा रही है। इनमें निशक्त एवं बीमार गौवंश की देखभाल एवं सेवा की जा रही है। इस कथा के माध्यम से आसपास की गौशालाओं को आर्थिक संबल भी मिलेगा।

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