Wednesday, 7 January, 2026

दुख की इस घड़ी में हर कदम आपके साथ- धारीवाल

स्वायत्त शासन मंत्री ने किया जल भराव से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

न्यूजवेव@कोटा

स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने 25 सितम्बर को जल भराव से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि सरकार दुख की घडी में उनके साथ है। पूरी पारदर्शिता से सर्वे कराकर समय पर राहत दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रत्येक प्रभावित परिवार के खाते में 3800 रूपये की राशि पहुंचा दी है। आवास आदि नुकसान का सर्वे के आधार पर मुआवजा दिलाया जायेगा।

उन्होंने कहा कि कोटा बैराज का बांध बनने के बाद इतनी बडी आपदा पहली बार आई है। लेकिन सरकार एवं जिला प्रशासन की तत्परता से किसी तरह की जनहानि अथवा बडा नुकसान नहीं हुआ है। सरकार की मंशा है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को बिना सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाये नुकसान का सीधे खाते में मुआवजा मिले, इसकी प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल भराव के दौरान क्षेत्रों में आम नागरिकों को समुचित सुविधाएं प्रदान करने के लिए वे निरन्तर जिला प्रशासन के सम्पर्क में रहे हैं तथा बचाव एवं राहत कार्य त्वरित गति से करने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि घरों में जो भी नुकसान हुआ है उससे घबराएं नहीं सरकार उनके साथ खडी हुई है। किसी भी प्रभावित परिवार के साथ भेदभाव नहीं किया जायेगा। पूरी पारदर्शिता के साथ मुआवजे की राशि सीधे खातों में पहुंचेगी। उन्होंने आश्रय स्थलों पर सरकार द्वारा देय भोजन, आवास, पेयजल एवं मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी लेकर आम नागरिकों का आह्वान किया कि नदी किनारे के क्षतिग्रस्त मकानों में सुरक्षात्मक दृष्टि से जांच के बाद ही निवास करें।

स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि कोटा में चम्बल नदी से जल भराव से प्रभावित क्षेत्रों के प्रति जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवेदनशीलता के साथ सभी अधिकारियों को त्वरित राहत कार्य के निर्देश दिये। उन्होंने एरियल सर्वे के माध्यम से नुकसान का जायजा लेकर प्रभावित परिवारों को सहायता के लिए बजट आवंटित करवाकर उच्चाधिकारियों को भी मौके पर भेजा। उन्होंने कहा कि अब पेयजल की समस्या नहीं रहेगी। तीसरी मंजिल तक बिना परेशानी के पानी पहुंचे इसके लिए उत्पादन क्षमता को बढाया जा रहा है।

प्रभावितों की सूची पढकर सुनाई
स्वायत्त शासन मंत्री जयपुर से रेल मार्ग द्वारा कोटा पहुंचते ही सीधे खेडली फाटक स्थित गणेशचौक पहुंचे। यहां मजमे आम में जल भराव से प्रभावित 60 परिवारों की सूची उन्होंने पढकर सुनाई। सभी लोगों से आह्वान किया कि कोई भी परिवार सर्वे में छूट गया है तो वह साधारण आवेदन एवं नुकसान का फोटोग्राफ संलग्न कर दें, उसे सर्वे टीम के माध्यम से जांच करवाकर सूची में शामिल कर लिया जायेगा। उन्होंने नन्दाकी बाडी में प्रभावित 165 परिवारों की सूची उपस्थित नागरिकों के समक्ष पढकर सुनाई।
पुनर्वास का दिया विकल्प
स्वायत्त शासन मंत्री ने आम नागरिकों के बीच पहुंचकर प्रभावित परिवारों को पुनर्वास का भी विकल्प दिया। उन्होंने कहा कि नदी के किनारे स्थित घरों में बार-बार पानी भराव की समस्या रहती है। सामूहिक रूप से प्रभावित परिवार यदि पुनर्वास चाहें तो उन्हें सरकार द्वारा दूसरे स्थान पर भूखण्ड एवं आवास निर्माण के लिए भी अनुदान राशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोटा बैराज से चम्बल की पुलिया तक रिवर फ्रंट की योजना बनाली है। इसके पूर्ण होते ही पानी भराव एवं बाढ की समस्या से स्थायी छुटकारा मिलेगा। द्वितीय चरण में रेलवे स्टेशन की तरफ भी रिवर फ्रंट का प्रस्ताव बनवाया जायेगा।  नये स्थान पर पुनर्वास के समय पट्टे के साथ निर्माण कार्य के लिए भी अनुदान दिया जायेगा। इस दौरान नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम अनिल सुवालका, आयुक्त नगर निगम वासुदेव मालावत, सचिव नगर विकास न्यास भवानी सिंह पालावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेश मील सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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