Thursday, 30 May, 2024

झालरिया पीठ डीडवाना का पुरुषोत्तम मास महोत्सव 3 अगस्त से तिरुपति धाम में

225 कुण्डीय महालक्ष्मी महायज्ञ और श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 3 से 9 अगस्त तक, देशभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे
न्यूजवेव @कोटा 

उत्तर भारत में रामनुज सम्प्रदाय की सबसे पुरानी झालरिया पीठ, डीडवाना का पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) महोत्सव इस वर्ष 3 से 9 अगस्त तक तिरुपति धाम में आयोजित किया जायेगा। आयोजन समिति श्री श्रीधर महोत्सव समिति के संयोजक डॉ. नवीन माहेश्वरी ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि भगवान वैंकटेश, भगवान श्री जानकीवल्लभजी महाराज व श्रीदास हनुमानजी महाराज की छत्रछाया और सभी आचार्यों के सान्निध्य में तिरुपति बालाजी धाम पर यह विशाल आयोजन आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अनूठा महासंगम होगा। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत 3 अगस्त को भव्य शोभायात्रा से होगी। शोभायात्रा प्रातः 8.30 बजे श्रीपद्मावति मंदिर से प्रारंभ होगी। दोपहर 11 बजे श्रीमहालक्ष्मी महायज्ञ का शुभारंभ एवं अग्नि स्थापना, श्रीमद् भागवत पारायण 11.30 बजे तथा श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ अपरान्ह 3.30 बजे प्रारंभ होगा।
माहेश्वरी ने बताया कि जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री झालरिया पीठाधिपति 1008 स्वामीजी श्री घनश्यामाचार्य महाराज के पावन सान्निध्य में विश्व शांति एवं जनकल्याणार्थ आयोजित हो रहा यह आयोजन श्री कन्वेंशन सेंटर डॉ.बीआर मल्टी स्पेशलिटी रोड कोरलागुंठा में होगा।

भगवान लक्ष्मी वैंकटेश विग्रह के साथ तिरूपति में 


इस आयोजन में 3 से 9 अगस्त तक 225 कुण्डीय यज्ञ के साथ प्रतिदिन भागवत् कथा दोपहर 3.30 से 6.30 बजे तक होगी। कथा विश्राम 9 अगस्त को 10 से 12.30 बजे तक होगा। 3 अगस्त गुरुवार को श्रीमद् भागवत महात्म्य, गोकर्णोपाख्यान व शुकदेव चरित्र पर प्रवचन होंगे। 4 अगस्त को गुलाब पुष्प से श्री लक्षार्चना और भागवत् कथा में कपिलोदेश, धु्रव चरित्र, सती चरित्र, अनुसूइया चरित्र तथा 5 अगस्त को बिल्व पत्र से श्री लक्षार्चना एवं श्री रामार्चा महायज्ञ तथा भागवत कथा के तहत पुरंजनोपाख्यान, अजामिलोपाख्यान, वृत्रासुर चरित्र, प्रहलाद चरित्र एवं नृसिंह अवतार पर पूज्य स्वामीजी के सारगर्भित दिव्य प्रवचन होंगे।
इस विराट महोत्सव में धर्मलाभ लेने के लिए देशभर से रामानुज सम्प्रदाय के भक्तों का तिरूपति पहुंचना शुरू हो गया है। झालरिया पीठ के देश-विदेश से भक्त इस आयोजन में सहभागी बनेंगे। आयोजन के लिए भगवान लक्ष्मी वैंकटेश पंडरपुर महाराष्ट्र से विग्रह के साथ तिरूपति विराजित हो चुकेे हैं। इस दौरान 9 अगस्त को कल्याणोत्सव होगा। इसके लिए तिरूमला से भगवान वैंकटेश भी पधारेंगे। तिरूपति तिरूमाला ट्रस्ट की ओर से इस आयोजन को स्वीकृति प्रदान की गई है।

(Visited 158 times, 1 visits today)

Check Also

डॉ. हेमलता गांधी ने जन्मदिवस पर देहदान का संकल्प लिया

देहदान-संकल्प : हमारे ऋषिमुनियों से सीखें दान का महत्व, इसी भाव ने देहदान-संकल्प के लिए …

error: Content is protected !!