Wednesday, 2 December, 2020

रामगंजमंडी पालिकाध्यक्ष के बेटे व अधिशासी अधिकारी 1 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

न्यूजवेव @ कोटा

कोटा जिले की रामगंजमंडी नगरपालिका में एसीबी की टीम ने भ्रष्टाचार के एक मामले का पर्दाफाश किया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा देहात के सीआई वासुदेव सिंह ने बताया कि रामगंजमंडी पालिकाअध्यक्ष हेमलता शर्मा के पुत्र सौरभ शर्मा एवं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पंकज कुमार मंगल एक भूखंड पर निर्माण स्वीकृति दिलाने के नाम पर परिवादी अखिलेश गर्ग से एक लाख रूपये की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों पकडे़ गये।

Pawan Kumar Mangal

भाजपा की पालिकाध्यक्ष के बेटे सौरभ ने पहले रिश्वत की राशि 1 लाख रू. ली। उसके बाद आरोपी के मित्र भवानी सिंह के साथ एक लाख रूपये को जलाकर नष्ट करने का प्रयास किया, जिस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी की टीम में सीआई वासुदेव सिंह के साथ सब इंस्पेक्टर किशनलाल, नरेंद्र सिंह, दिग्विजय सिंह, पवन कुमार, राजेंद्र सिंह व घनश्याम मीणा शामिल रहे।
निर्माण स्वीकृति के लिये 4 लाख रिश्वत मांगी

Saurabh Sharma

इस मामले में परिवादी रामगंजमंडी में इंद्रप्रस्थ कॉलोनी निवासी अखिलेश गर्ग ने 16 जुलाई,2020 को पुलिस को सूचित किया कि बाजार नंबर-1 में एएसआई कंपनी के सामने उसकी पत्नी के नाम एक भूखंड है, जिस पर निर्माण करवाना चाहता था। इसके लिये रामगंजमंडी नगरपालिका से भवन निर्माण स्वीकृति लेने के लिये आवेदन किया तो अधिशासी अधिकारी पंकज कुमार मंगल ने 4 लाख रूपये रिश्वत की मांग की।
परिवादी अखिलेश गर्ग ने बताया कि नगरपालिका अध्यक्ष हेमलता शर्मा के पुत्र सौरभ शर्मा को 1.50 लाख रूपये पहले ही दे चुका है। उसके बाद निर्माण स्वीकृति जारी कर दी गई। लेकिन अब अधिशासी अधिकारी पंकज कुमार मंगल ने शेष राशि की मांग करते हुये दबाव बनाने के लिये भूखंड के निर्माण कार्य पर लाल निशान लगाकर काम रूकवा दिया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने इसका भौतिक सत्यापन किया तो परिवादी की शिकायत सही पाई गई। 5 अगस्त को एसीबी की टीम ने ट्रेप की कार्यवाही करते हुये अधिशासी अधिकारी को परिवादी से एक लाख रूपये की रिश्वते लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, पालिकाध्यक्ष के बेटे सौरभ शर्मा को भी रिश्वत मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे जांच की कार्यवाही जारी है।
रामगंजमंडी के नागरिक संगठनों ने बताया कि नगर पालिका में भवन निर्माण स्वीकृति के नाम पर मोटी रिश्वत लेने का खेल लंबे समय से चल रहा है। इस एक मामले से सच्चाई उजागर हुई है। एसीबी को एक अन्य मामलों की भी पड़ताल कर दोषियों को दंडित करना चाहिये।

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