Monday, 6 July, 2020

MSME को आर्थिक पैकेज से छोटे उद्योगों को मिलेगी ऊर्जा

कोटा सीए ब्रांच द्वारा MSME सेक्टर को बैंकों द्वारा वित्तीय सहायता पर हुआ ऑनलाइन प्रोग्राम
न्यूजवेव@ कोटा
कोटा सीए ब्रांच के तत्वावधान में शनिवार को ऑनलाइन सीपीई मीट हुई जिसमें केंद्र सरकार द्वारा प्रोत्साहन पैकेज के बाद MSME सेक्टर को बैंकों द्वारा वित्तीय सहायता विषय पर बैंकिंग सेक्टर से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने सीए के साथ परिचर्चा की।
कोटा सीए ब्रांच की चेयरपर्सन सीए रजनी मित्तल ने बताया कि मुख्य वक्ता बैंक ऑफ इंडिया के डीजीएम वैभव आनंद, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के नेशनल क्रेडिट हेड सीए आकेश विजय एवं बैंक ऑफ बड़ौदा एसएमई लोन फैक्ट्री डीजीएम विवेक सिंघल प्रमुख रूप से शामिल हुयेे। कार्यक्रम समन्वयक एवं सीआईआरसी सचिव सीए दिनेश कुमार जैन ने बताया कि मोदी सरकार ने पिछले माह छोटे उद्योगों (MSME) के लिए बड़ी राहत का एलान किया था, जिसमें MSME सेक्टर को तीन लाख करोड़ रुपये का कोलेट्रल फ्री लोन दिया जाएगा। यानी इस पर उद्यमियों से किसी तरह की कोई गारंटी नहीं ली जाएगी। इसकी अवधि चार साल की होगी तथा एक वर्ष तक मूलधन को चुकाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि आत्मानिर्भर भारत योजना के तहत सरकार ने यह कदम उठाया है।
हाड़ोती के MSME सेक्टर को मिलेगी संजीवनी
बैंक ऑफ इंडिया के डीजीएम वैभव आनंद ने सीए सदस्यों से कहा कि सरकार द्वारा MSME को 3 लाख करोड़ रुपये कोलेट्रल फ्री ऑटोमैटिक लोन दिया जाएगा, जिससे MSME सेक्टर से कोटा समेत हाडोती संभाग के सीए सदस्यों को नया बिजनेस मिलेगा। 5 करोड़ रुपए तक का व्यापार करने वाली माइक्रो यूनिट, स्मॉल के लिए 10 करोड़ तक का निवेश और 50 करोड़ तक का कारोबार और मीडियम में 20 करोड़ तक का निवेश और 100 करोड़ तक के टर्नओवर का प्रावधान किया गया है। 200 करोड़ रुपए से कम वाले में ग्लोबल टेंडर नहीं होंगे। इससे लघु ,सूक्ष्म, मध्यम उद्योगों को लाभ मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत की तरफ ये एक और कदम है। MSMEसेक्टर को दिए गए आर्थिक पैकेज से स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी।
कोटा के सैकड़ों उद्योगों को मिलेगा आर्थिक लाभ
बैंक ऑफ बड़ौदा के MSME लोन फैक्ट्री डीजीएम विवेक सिंघल ने सरकार के इस वित्तीय की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना ने अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। इससे छोटे बड़े विभिन्न उद्योगों की काफी नुकसान हुआ है। सरकार ने जो राहत पैकेज की घोषणा की है उससे अनिवार्य रूप से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इस घोषणा का सबसे अच्छा पहलू ये भी है कि सरकार ने MSME की परिभाषा को भी बदल दिया है ताकि उद्योग इकाइयों को उच्च निवेश के साथ-साथ टर्नओवर के मानदंड की अनुमति मिल सके। इस कदम से अधिक कंपनियों को राजकोषीय और अन्य लाभ प्राप्त करने के लिए छोटे व्यवसायों को रखने की अनुमति मिल सकेगी। सरकार ने निवेश के कार्यकाल को 4 वर्ष का रखा है और MSME को प्रस्ताव का लाभ उठाने के लिए 12 महीने की मोहलत दी है।
उद्योग आधार नंबर से रजिस्ट्रेशन हो गया सरलीकृत
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के नेशनल क्रेडिट हेड सीए आकेश विजय ने कहा किMSME का रजिस्ट्रेशन उद्योग आधार नंबर से सरलीकृत हो गया है ढाई सौ करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले उद्योग MSME में कवर हो जाएंगे इससे कोटा के सैकड़ों उद्योगों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट मोदी सरकार की इस घोषणा का फायदा MSME सेक्टर को दिलाए और देश को आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान दें और जब तक MSME सेक्टर को वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी तब तक वह इस देश की इकोनॉमी ग्रोथ के अंदर अपना संपूर्ण योगदान देने में असमर्थ होंगे। इसलिए चार्टर्ड अकाउंटेंट का यह प्रयास है कि कोटा समेत पूरे हाडोती संभाग में अधिक से अधिक उद्योगों को जिंदा रखने के लिए सरकार ने जो घोषणा की है वह उन तक पहुंचाने का प्रयास करें। कार्यक्रम का तकनीकी रूप से संचालन ब्रांच के कोषाध्यक्ष सीए तुषार ढींगरा ने किया। इस मौके पर कोटा ब्रांच के सचिव सीए देवेंद्र कटारिया एवं सीपीई चेयरपर्सन सीए नीतूू खंडेलवाल, सिकासा चेयरमैन सीए निखिल जैन, वरिष्ठ सीए संजीव बाजारी, सीए योगेश चांडक एवं सीए जंबू अग्रवााल भी उपस्थित थे।

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