Thursday, 4 March, 2021

झालावाड़ में कौओं की अचानक मौत से ‘बर्ड फ्लू’ वायरस की पुष्टि

जिला कलक्टर ने प्रभावित क्षेत्र में जीरो मोबेलिटी लागू की, सभी पॉल्ट्री फार्म में सैम्पलिंग जांच के निर्देश, त्वरित कार्यवाही दल गठित
न्यूजवेव @ कोटा

इन दिनों समूचा देश जहां कोरोना महामारी के संक्रमण से जूझ रहा है, वहीं 25 दिसंबर को झालावाड में राड़ी के बालाजी मंदिर परिसर में अचानक 46 कौओं की मौत हो जाने से क्षेत्र में ‘बर्ड फ्लू’ वायरस का खतरा मंडराने लगा है।
जिला कलक्टर निकया गोहाएन ने बुधवार को आदेश जारी कर बताया कि पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक ने सूचित किया कि झालावाड में राड़ी के बालाजी मंदिर परिसर में 25 दिसंबर को अचानक कौओं की असामान्य मौतें हुई। इस पर वन विभाग व पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने बीमार कौओं का उपचार किया तथा सैम्पल राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान, आनंद नगर, भोपाल को भेजे। जहां से प्राप्त रिपोर्ट में कौओं में ‘एवियन इंफ्लुएन्जा’ रोग की पुष्टि की गई है।
इसके बाद झालावाड जिला कलक्टर निकया गोहाएन ने त्वरित कार्यवाही दल गठित किया, जिसमें एसडीएम, झालावाड, उप वन संरक्षक झालावाड, पुलिस उप अधीक्षक, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक, सीएमएचओ एवं झालावाड नगर परिषद के आयुक्त को शामिल किया गया है। उन्होंने निर्देश दिये कि त्वरित कार्यवाही दल जीरो मोबेलिटी क्षेत्र में बेरिकेडिंग कर प्रचार-प्रसार करेगा। साथ ही इस घातक वायरस को फैलने से रोकने के लिये ‘एवियन इंफ्लुएन्जा एक्शन प्लान-2015’ की पालना सुनिश्चित करे।झालावाड में सर्वेक्षण कर पर्याप्त सैम्पलिंग करवाई जायेगी। समूचे प्रभावित क्षेत्र को सेनेटाइज कर सफाई करवाई जा रही है। जिला कलक्टर ने निर्देश दिये कि प्रभावित क्षेत्र के साथ ही झालावाड के सभी व्यावसायिक पॉल्ट्री फार्म की सैम्पलिंग जांच करवाई जाये। ताकि आम जनता इस संक्रमण की चपेट में नही आ सके।
वन विभाग करेगा निगरानी


मुकंदरा वन क्षेत्र सहित कोटा, बूंदी, बारां व झालावाड जिले के जलभराव तालाबों में संक्रमित पक्षियों पर कडी निगरानी रखी जायेगी। साथ ही पॉल्टी फॉर्मों के संचालकों को भी ‘एवियन इंफ्लुएन्जा’ वायरस से बचाव के लिये हिदायतें दी गई हैं।
कैसे फैलता है बर्ड फ्लू


सामान्यतः ‘बर्ड फ्लू’ इंफ्लुएन्जा ए वायरस (H5N1) से फैलता है। यह फ्लू संक्रमित पक्षियों से फैलता है। एवियन इंफ्लुएन्जा बीमार पक्षियों के संपर्क में आने वाले इंसानो में भी आसानी से फैल जाता हैै। फिर यह संपर्क में आने वालों को अपनी चपेट में ले लेता है।
ये हैं प्रारंभिक लक्षण
चिकित्सकों के अनुसार, बर्ड फ्लू’ के प्रारंभिक चरण में बुखार, कफ, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण सामने आते हैं। कुछ लोगों में नाक बहना, उल्टी आना, डायरिया, मस्तिष्क में संक्रमण या आंखों में दर्द जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। प्रारंभिक लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। आवश्यकता होने पर अपने साथ टेमीफ्लू टेबलेट अवश्य रखें।

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